सोम. सितम्बर 20th, 2021

डीसीपी उल्हासनगर प्रशांत मोहिते का कहना है कि FDA के अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई. आरोपी फरार है. महामारी के तहत मामला दर्ज किया गया है.

उल्हासनगर: जिस कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और सावधानी बरतने की सख्ती की जा रही है उसी कोविड टेस्ट किट की स्ट्रिप्स की पैकिंग उल्लासनगर (Ulhasnagar) की झुग्गी बस्ती में घरों में की जा रही थी और वो भी बिना किसी सावधानी और साफ सफाई के. इलाके के ही एक सजग नागरिक ने वीडियो बनाकर वायरल किया तो प्रशासन जागा है और सारा माल जब्त कर FIR दर्ज कर लिया गया है. ये उल्हासनगर कैम्प 2 के संत ज्ञानेश्वर नगर की तस्वीर है. बच्चे और महिलाएं घर में RT-PCR स्वैब किट की स्ट्रिप्स पैक कर रहे हैं.! ना तो मुंह पर मास्क है और ना हाथों में ग्लव्ज. इलाके के ही सुरेंद्र यादव नाम के युवक ने इस वीडियो को बनाकर वायरल किया तब प्रशासन जागा. सुरेंद्र यादव का कहना है कि मुझे लगा कि ये गलत हो रहा है. जो पहले से ही गंदा है वो पॉजिटिव रिपोर्ट देगा कि निगेटिव. वीडियो वायरल होने और मीडिया में खबर चलने के बाद प्रशासन एक्शन में आया. घरों से माल जब्त किया गया और ठेकदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. उल्लासनगर मनपा अधिकारी डॉ राजा रिजवानी का कहना है कि हमारे साथ पुलिस हैं , FDA अधिकारी है. सर्च चल रहा है, माल जब्त किया गया है. ये जो चल रहा था अवैध था. जिसका ऑफिस है जिसने काम दिया था वो पकड़ा नहीं गया है.

डीसीपी उल्हासनगर प्रशांत मोहिते का कहना है कि FDA के अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई. आरोपी फरार है. महामारी के तहत मामला दर्ज किया गया है. उल्हासनगर पुलिस ने घर में पैकिंग करने वाली महिलाओं के बयान दर्ज किया है. महिलाओं ने एक हजार टेस्ट किट पैकिंग पर 20 रुपये मिलने की बात बताई है. ठेकेदार महेश केशवानी फरार है जिसे पकड़ने के लिए अलग अलग टीमें बनाई गई हैं. उल्हासनगर पुलिस , मनपा और FDA के अधिकारियों के साथ मिलकर उल्लासनगर में और कहां-कहां इस तरह के काम हो रहे हैं ये पता लगाने में जुटी है साथ ही इस तरह की किट कहाँ-कहाँ भेजी जाती थी ये भी पता लगाया जा रहा है ताकि उसके इस्तेमाल पर रोक लगाइ जा सके.

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